
लगता है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियां काफी पहले ही शुुरू कर दी है। तभी तो वे ‘नरेन्द्र मोदी एप’ को बढ़ावा देने में लगे हैं। यह बात तो उनके विरोधी भी मानते है कि नरेन्द्र मोदी का विरोध किया जा सकता है, उनका समर्थन किया जा सकता है, लेकिन उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। नरेन्द्र मोदी की शख्सियत में कुछ बातें है ही इतनी खास। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी इंजीनियर नहीं थे, लेकिन फिर भी उन्होंने भारत में कम्प्यूटर क्रांति की शुरूआत की थी। अब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री है, जो इंजीनियर नहीं है, लेकिन तकनीक के मामले में शायद ही कोई नेता उनका सानी हो।

इंटरनेट और सोशल मीडिया की दर्जनों वेबसाइट पर नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति बरसों से है। न केवल उनकी उपस्थिति, बल्कि उनकी जबरदस्त उपस्थिति का प्रभाव किसी भी नेता के लिए रश्क करने लायक है। सोशल मीडिया का कोई भी प्लेटफॉर्म उनसे अछूता नहीं है और अब वे मोबाइल एप के जरिये अपनी पहुंच लोगों की जेब तक बना रहे है। इंटरनेट के जरिये वे घरों में घुसे और अब मोबाइल के जरिये लोगों की ‘जेब’ में हैं।
खाड़ी देशों की यात्रा के दौरान उन्होंने हाल ही में भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत की और कहा कि वे अपने मोबाइल पर नरेन्द्र मोदी एप डाउनलोड करें। आप इस तरह मुझे अपनी जेब में रख सकते है। नरेन्द्र मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह बात कही तो कई लोगों को मिर्ची लगी। भारत का प्रधानमंत्री और किसी की जेब में रहे, लेकिन यह नरेन्द्र मोदी का अपना अंदाज था।

पिछले वर्ष जब नरेन्द्र मोदी एप (यही नाम है एप का) लांच किया गया तब शायद ही किसी और नेता ने इसकी कल्पना की होगी। इस नरेन्द्र मोदी एप को डाउनलोड करके आप नरेन्द्र मोदी से सीधे जुड़ सकते हैं। आप यानि कोई भी नागरिक। वह भाजपा का कार्यकर्ता भी हो सकता है और सरकार का हिस्सा भी। इस एप के माध्यम से आप नरेन्द्र मोदी को समग्र रूप से देख, सुन और समझ सकते हैं। इस एप्लिकेशन के जरिये आप नरेन्द्र मोदी तक अपने विचार भेज सकते है। उनके सीधे संदेश और ई-मेल प्राप्त कर सकते हैं। नरेन्द्र मोदी को अपने सुझाव दे सकते हैं। उनके ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ताजे पोस्ट पढ़ सकते हैं। यहां तक कि मन की बात को हिन्दी के अलावा अन्य कई भाषाओं में भी पढ़ सकते है। नरेन्द्र मोदी के क्या कार्यक्रम है, उन्होंने पिछले कार्यक्रमों में क्या कहा और मीडिया में उसकी क्या प्रतिक्रिया रही। ये सब सूचनाएं आप नरेन्द्र मोदी एप से जान सकते है।

हर हफ्ते करीब दस हजार युवा इस एप को डाउनलोड कर रहे है और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में कहे गए अनेक आइडियाज इस एप के जरिये लोगों ने उन तक पहुंचाए थे। इनमें से कई आइडियाज को सरकार ने स्वीकार किया और अब वे सरकारी नीति का हिस्सा हैं। इतना ही नहीं, भाजपा के कार्यकर्ता इस एप के जरिये अपने सुझाव भी नरेन्द्र मोदी तक पहुंचाते है। ऐसे ही एक सुझाव के तहत उन्होंने मन की बात में फुटबॉल को बढ़ावा देने की चर्चा की थी। बंगाल के चुनाव को देखते हुए यह सुझाव बहुत ही महत्वपूर्ण था, क्योंकि बंगाल में फुटबॉल बहुत लोकप्रिय है और फुटबॉल को लोकप्रिय बनाने के बहाने बंगाल के मतदाताओं तक पहुंचा जा सकता है।

नरेन्द्र मोदी एप की खूबी यह है कि यह केवल चार एमबी का है और ज्यादा नेट पैकेज खर्च नहीं करता। इसके अलावा यह छोटे साइज का होने के कारण तेज चलता है। बार-बार डाउनलोड का इंतजार नहीं करना पड़ता। जब से नरेन्द्र मोदी ने अपना यह एप लांच किया है, तब से नरेन्द्र मोदी के नाम पर एप बनाने वालों की भरमार हो गई है। दर्जनों गैरआधिकारिक एप भी बाजार में आ गए है और कई बार तो लोग गलत-फहमी में पड़ जाते है कि कौन सा एप असली है। शायद इसी को भापते हुए नरेन्द्र मोदी एप पर पहले ही लिखा है- ‘ऑफिशियल एप ऑफ नरेन्द्र मोदी’। यह एप जितना नरेन्द्र मोदी के प्रशंसकों ने डाउनलोड किया है, उतना ही उनके विरोधियों ने भी, क्योंकि उन्हें एक ही जगह नरेन्द्र मोदी समग्र रूप में मिल रहे है।
पुछल्ला : नरेन्द्र मोदी एप को देखकर युवा प्रेमी-प्रेमिका भी आहें भरते नजर आ रहे है कि काश! कोई ऐसा एप उनके लिए भी होता तो वे एक-दूसरे से हमेशा आसानी से संपर्क में रह सकते।

09 April 05.35 am
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