
सोशल मीडिया के बुद्धिजीवियों और भक्तों के बीच चल रहे विवाद में मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी नई महारथी बनकर उभरी हैं। जेएनयू मामले में संसद में दिए गए इनके 48 मिनिट के भाषण सोशल मीडिया पर भी छा गए है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मृति ईरानी के भाषण के बाद ट्विटर पर लिखा- ‘सत्यमेव जयते! स्मृति ईरानी का यह भाषण सुनिये’। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने यू-ट्यूब पर जारी स्मृति ईरानी के भाषण का लिंक भी अटैच कर दिया। देखते-देखते यह संदेश वायरल हो गया और कुछ ही घंटों में इसे लाइक करने वाले 14 हजार और रि-ट्वीट करने वाले 11 हजार से अधिक हो गए।

फेसबुक पर भी स्मृति ईरानी ही छाई रहीं। 12 घंटे बाद ही उनके भाषण को फेसबुक पर देखने वालों की संख्या 12 लाख से अधिक थी। एक लाख आठ हजार लोगों ने उस भाषण को लाइक किया। 58 हजार लोगों ने उस भाषण को शेयर किया और 11 हजार लोगों ने उस भाषण पर अपनी प्रतिक्रिया लिखी। लोगों ने उनके भाषण की भावनात्मक शैली और राष्ट्रीयता को पसंद किया। उनके तर्कों के आगे लोगों ने अपनी सहमति जताई। स्मृति ईरानी ने साफ-साफ कहा कि मैं किसी और की देशभक्ति के बारे में कोई प्रमाण-पत्र जारी नहीं कर रही हूं, लेकिन मेरी देशभक्ति के बारे में बोलने का भी अधिकार किसी को नहीं है। हजारों लोगों ने स्मृति ईरानी के भाषण पर लिखा- ‘वी आर प्राउट ऑफ यूं स्मृति ईरानी’।
लोगों की भावनाएं कुछ इस तरह नजर आई- आपने विपक्षी दलों, वामपंथियों, कांग्रेसियों और जनता दल परिवार को जो आईना दिखाया वह काबिले तारीफ था। कई ने लिखा कि स्मृति ईरानी जैसी शख्सियत को उत्तरप्रदेश का मुख्यमंत्री बनना चाहिए, क्योंकि वे ही उसे सुधार सकती हैं। किसी ने लिखा खूब लड़ी मर्दानी.... तथाकथित सेक्युलरिस्ट लोगों को चिढ़ाते हुए भी अनेक पोस्ट लिखे गए। अनेक लोगों ने लिखा कि स्मृति ईरानी का भाषण सुनकर उनकी देशप्रेम की भावना एकाएक हिलोरे मारने लगी। उन्होंने अकेले ही पूरे विपक्ष के अरमानों को नेत्सनाबूत कर दिया। ‘ग्रेट स्पीच’ अनेक लोगों ने इन शब्दों का इस्तेमाल किया। कई लोगों ने लिखा कि जब श्रीमती स्मृति ईरानी का भाषण लोकसभा में खत्म हुआ, तब वे अपने घर पर टीवी देख रहे थे। ऐसे में भी वे भाषण की समाप्ति पर अपने-आप को तालियां बजाने से नहीं रोक पाए।
ट्विटर के अलावा फेसबुक, वाट्सएप, यू-ट्यूब, गूगल प्लस, लिंक्डइन जैसी सभी प्रमुख सोशल मीडिया साइट्स पर स्मृति ईरानी ही स्मृति ईरानी छा गई। कहीं उनका 48 मिनिट के पूरे भाषण का लिंक साथ में था, तो कहीं उसके टुकड़े कर-करके लोगों ने अलग-अलग शेयर किया। स्मृति ईरानी के विशेष चित्र सोशल मीडिया पर आ गए और उनके भाषण के उद्धरण भी। जिस साफगोई से स्मृति ईरानी संसद में चट्टान की तरह खड़ी रही और अपने विरोधियों को एक-एक बात का जवाब देती रहीं, उससे लगता है कि उनकी लोकप्रियता का ग्राफ अचानक शीर्ष पर पहुंच गया है।

जहां एक तरफ उनकी तारीफ हुई, वहीं उनके विरोधी कहां चुप रहने वाले थे। लोगों ने 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' सीरियल की इस कलाकार को बहुत ताने लिखे। किसी ने लिखा कि एकता कपूर के सीरियल के डायलॉग की तरह ही उन्होंने संसद में भी भाषण दिए और अपनी एक्टिंग का पूरा फायदा उठाया। जब लोगों को उनके भाषण में कोई नुक्स नहीं मिला, तो उन्होंने कोलकाता के टेलीग्राफ अखबार का शीर्षक ही सोशल मीडिया पर चिपका दिया, जिसका मजमून था- आंटी नेशनल।
हजारों लोगों ने स्मृति ईरानी के भाषण के लिंक शेयर करते हुए अपील की कि इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। मीडिया के अनेक वे महारथी भी स्मृति ईरानी के भाषण के आगे ठंडे पड़ गए, जो स्मृति ईरानी और उनके विभाग के खिलाफ लगातार बोलते और लिखते रहे है। स्मृति ईरानी के इस ऐतिहासिक भाषण की तारीफ करने वालों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही अकेले राजनेता नहीं है। केन्द्रीय मंत्रीमंडल के कई सदस्यों और अनेक मुख्यमंत्रियों ने भी सोशल मीडिया में स्मृति ईरानी के इस भाषण की जमकर तारीफ की।