
भलाई के बड़े काम करने के लिए अजीम प्रेमजी या आईएएस या बहुत बड़ी डिग्री जरूरी नहीं है; यह बात आठवीं पास, पेशे से सिलाई करनेवाले, 30 साल के अशोक नायक ने साबित कर दी है। अशोक नायक इंदौर में रक्त दान अभियान चलाते हैं. उनकी मेहनत के कारण 18 ,000 से ज्यादा लोग रक्तदान कर चुके हैं। 21,000 युवक-युवतियां उनके रक्त दान आंदोलन से जुड़े हैं और किसी भी जरूरतमंद को अपने प्रियजन के इलाज के दौरान रक्त के लिए भटकना नहीं पड़ता। वे जगह-जगह ब्लड डोनेशन कैम्प लगवाते हैं, रक्त दान के लिए फ्री कॉल सर्विस भी चलाते हैं और युवतियों के लि 'रक्त वाहिनी' के रूप में चलाते हैं जिसमें बैठकर युवतियां रक्त दान करने जा - आ सकती हैं।
उनकी इस नि:शुल्क सेवा से इंदौर में रक्त का धंधा करनेवाले कई बड़े अस्पताल और चिकित्सा माफिया उनके पीछे पड़े हैं क्योंकि ये लोग मरीजों को रक्त की एक बोतल 4000 रुपये तक में बेचते थे। अशोक नायक के कारण उनको करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया।
इंदौर में रक्त दान के लिए आई जागृति आई का 'कुछ' क्रेडिट तो अशोक नायक को है ही। वे गणेश पूजा के पंडाल में, कभी गरबा मंडल में, कभी किसी चौराहे पर तो कभी स्कूल-कॉलेज परिसर में पर्चे बाँटते, प्रदर्शनी लगाते नज़र आ ही जाते हैं।
ऐसा नहीं है कि उन्हें इस काम के लिए के लिए वाहवाही ही मिलती है। " गालियां ही ज्यादा मिलती हैं भाई साहब ! एक फोन आया कि मेरी बीवी भर्ती है, एक बोतल खून चाहिए " "मैंने कहा - एक बोतल तो आप खुद ही दे सकते हैं। बीवी है आपकी" " तो फिर आप किसके लिए है?''
ऐसे ही एक बड़े अखबार के संपादक आया कि दस बोतल खून का बंदोबस्त कर दो। अशोक नायक ने कहा कि आप इतने बड़े संपादक हो, रक्त दान करनेवाले आपके 10 दोस्त भी नहीं हैं ? हमारी सेवा उन लोगों हैं जो साधनहीन हैं, यो दूसरे शहरों से आकर इलाज करा करे हैं। अशोक नायक के कारण इंदौर में अस्पतालवालों के खून बेचने के धंधे ठप हैं।
अशोक रात को कपड़ों की सिलाई करते और दिन में ब्लड डोनेशन का कार्य करते हैं। कुछ दिनों से तो वे रात को भी जरूरतमन्दों के लिए रक्त की व्यवस्था में चले जाते हैं. उनके पिता उन्हें आर्थिक मदद करते हैं।
अगर आपको या आपके किसी संबंधी को अस्पताल में खून की ज़रूरत पड़े तो आप +91 92002 50000 पर अशोक नायक से बात कर सकते है। उनकी वेबसाइट है www.raktdaan.in
DIGI NEWS के कार्यक्रम न्यूज़मेकर्स में अशोक नायक