
डॉ. कुमार विश्वास सोशल मीडिया के शेर हैं। राजनीति और शिक्षण के इतर उनकी धाक सोशल मीडिया पर जबरदस्त है। कवि सम्मेलनों में वे सुपरस्टार की तरह बुलाए जाते है। अपने अकेले के बूते पूरे कवि सम्मेलन को सफल बनाने की कूूवत भी उनमें है। हमेशा विवादों में घिरे रहते हैं। नए-नए प्रयोग करते रहते है और अपनी उपस्थिति प्रत्येक सार्वजनिक मंच पर दर्ज कराते हैं। ‘गुजरात वांट्स केजरीवाल’ अभियान में भी वे जुड़े हैं। हिन्दी कविता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लोकप्रिय बनाने का श्रेय भी उन्हें जाता है। हिन्दी के कवि है और हमेशा हिन्दी की बात करते हैं।
बीते मंगलवार को फेसबुक ने डॉ. कुमार विश्वास के साथ ‘फेसबुक क्यू एंड ए’ सत्र रखा। यह एक वेब चैटिंग सत्र था। विषय रखा गया ‘हिन्दी है सब वतन हैं’। हिन्दी भाषा के विश्व स्तर पर हो रहे विस्तार और हिन्दी प्रेमियों और हिन्दी के लोकप्रिय कवि के बीच का यह संवाद बेहद लोकप्रिय रहा। कुमार विश्वास दुनियाभर के विश्वविद्यालयों में हिन्दी भाषा का प्रतिनिधित्व करते हुए कविता पाठ करते जाते रहते है। फेसबुक का यह ऑनलाइन सत्र सभी हिन्दी भाषियों के लिए एक बेहद सम्मान की बात कही जा सकती है। अंग्रेजी में इस कार्यक्रम को नाम दिया गया था, ‘द ग्लोबल आउटरीच ऑफ हिन्दी’।
फेसबुक पर करीब 17 करोड़ हिन्दी भाषी लोग जुड़े हुए है। उनमें से बड़ी संख्या में फेसबुक यूजर्स की रूचि इस चैट में थी। फेसबुक ने इस कार्यक्रम की घोषणा अपनी वेबसाइट पर पहले ही कर रखी थी। फेसबुक इंडिया के पेज पर भी इस बारे में एक पोस्टर पोस्ट किया जा चुुका था। कुमार विश्वास ने अपने फेसबुक पेज और अन्य सोशल मीडिया पर भी इसे शेयर किया।
पूरी चैटिंग का समय शाम 7.30 से 8.15 तक निर्धारित था। इन 45 मिनिट में फेसबुक के यूजर्स ने 5500 सवाल पोस्ट किए। सवालों का यह सिलसिला इतनी तेज गति से जारी था कि फेसबुक को कार्यक्रम की अवधि बढ़ाकर रात 8.30 बजे तक करनी पड़ी। हाल यह था कि चैटिंग खत्म होने के बाद भी लोगों के सवाल फेसबुक को मिलते जा रहे थे और आधी रात तक आठ हजार से ज्यादा लोग कुमार विश्वास के लिए अपना सवाल भेज चुके थे। फेसबुक के इतिहास में यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा क्यू एंड ए सेशन था।
लोग कुमार विश्वास से तरह-तरह के सवाल पूछ रहे थे। इनमें राजनीतिक सवाल भी थे और साहित्यिक भी। कवि सम्मेलनों से जुड़े मुद्दे, नए-नए कवियों से संवाद, पंजाब में नशे को लेकर बनाया गया कुमार विश्वास का गाना, दिल्ली, पंजाब और गुजरात की राजनीति में आप पार्टी की भूमिका, अन्ना हजारे से उनके संबंध, केजरीवाल का राजनीतिक भविष्य, मोदी सरकार की उपलब्धियां और नाकामियां, हिन्दी साहित्य जगत में जुड़ी राजनीति, हिन्दी का भविष्य, हिन्दी को लोकप्रिय बनाने के उनके प्रयास, दुनियाभर में हिन्दी का भविष्य, सोशल मीडिया पर हिन्दी का प्रभाव, तकनीकी शिक्षा में हिन्दी का महत्व, भारतीय भाषाओं के वर्चस्व का सवाल, डॉ. कुमार विश्वास की निजी रूचियां जैसे हजारों सवाल कुमार विश्वास के प्रशंसकों ने उनसे पूछे।

मई में कुमार विश्वास ने पंजाब में नशे की लत पर बनाया गया अपना गाना यू-ट्यूब पर पोस्ट किया था, जो काफी लोकप्रिय हुआ था। इस गाने को लिखने के अलावा गाया भी कुमार विश्वास ने ही है और संगीत भी उन्हीं ने खुुद दिया है। ऐसा माना जाता है कि पंजाब चुनाव के मद्देनजर यह गाना जारी किया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अपन ट्विटर अकाउंट पर इस गाने को सुनने का आग्रह अपने फॉलोअर्स से कर चुके हैं। दुनियाभर में हजारों मंच पर वाहवाही लूटने के बाद कुमार विश्वास फेसबुक के इस चैटिंग सत्र से बेहद प्रसन्न नजर आए। उन्होंने इस कार्यक्रम से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया। इस वीडियो में सभी हिन्दीप्रेमियों का उन्होंने आभार माना और वादा किया कि आगे भी वे इस तरह के ऑनलाइन चैटिंग कार्यक्रमों में अपने प्रशंसकों से चर्चा करते रहेंगे। कहा जा सकता है कि कुमार विश्वास की लोकप्रियता जितनी कवि सम्मेलनों के मंच पर है, उतनी ही सोशल मीडिया पर भी है।
9 July 2016